मैमोग्राफी-हिंदी-में

मैमोग्राफी की पूरी जानकारी हिंदी में / Mammography in Hindi

मैमोग्राफी की पूरी जानकारी हिंदी में / Mammography Test in Hindi

मैमोग्राफी क्या है?/ What is Mammography/Mammography kya hai?

एक मैमोग्राफी (Mammography), या मैमोग्राम, इस तकनीक के द्वारा ब्रैस्ट का एक्स-रे किया जाता है। यह एक स्क्रीनिंग उपकरण है जिसका उपयोग ब्रैस्ट कैंसर का पता लगाने और निदान करने के लिए किया जाता है।

हर साल पुरुषों में ब्रैस्ट कैंसर के लगभग 2,300 नए मामले सामने आते हैं और हर साल महिलाओं में लगभग 230,000 नए मामले सामने आते हैं।

कुछ विशेषज्ञ सलाह (advice ) देते हैं कि जो महिलाएं 41 वर्ष से अधिक की उम्र की है, उनमें हर एक से दो साल में मैमोग्राफी (Mammography) टेस्ट कराना ही चाहिए। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (American Cancer Society ) 45 साल की उम्र से मैमोग्राफी कराने की सलाह देती है। यदि आपको स्तन (Breast ) कैंसर का व्यक्तिगत या घरेलु इतिहास है, तो आपका डॉक्टर आपको पहले मैमोग्राफी स्क्रीनिंग (Screening Mammography) कराने की सलाह दे सकता है ।

यदि आपको ब्रैस्ट कैंसर का एक गांठ या कोई अन्य लक्षण है, तो आपका डॉक्टर मैमोग्राम कराने का आदेश देगा। यदि आपको ब्रैस्ट प्रत्यारोपण लगा हैं, तो आपको शायद मैमोग्राम की आवश्यकता होगी।

(Mammography) मैमोग्राफी टेस्ट के लिए किस तरह की तयारी की आवशक्ता होती है / मैमोग्राम के दिन किन बातो का धयान रखना होगा?

आपको अपने मैमोग्राम (Mammogram) के दिन कुछ बातो का धयान रखना होगा। जैसे:

  • जिस दिन आपका मैमोग्राफी (Mammography) टेस्ट होना है उस दिन आप परफ्यूम, किसी तरह का बॉडी पाउडर या महकने वाली चीज नहीं लगा सकते।
  • इसके अलावा, आपको अपने स्तनों (Breast ) या जांघों पर कोई मरहम या क्रीम (Cream ) नहीं लगाना चाहिए।
  • ये पदार्थ आपकी मैमोग्राफी (Mammography) की छवियों को ख़राब कर सकते हैं या कैल्सिफिकेशन, या कैल्शियम जैसे दिख सकते हैं, इसलिए उनसे बचना जरुरी है।
  • यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं तो परीक्षा से पहले अपने रेडियोलॉजिस्ट (Radiologist ) को अवश्य बताएं। आम तौर पर, आप इस समय एक स्क्रीनिंग मैमोग्राम नहीं करा सकते है , लेकिन यदि जरुरत हो, तो आपका डॉक्टर (Doctor) अन्य स्क्रीनिंग विधियों, जैसे कि अल्ट्रासाउंड (Ultrasound ) कराने को कह सकता है।

मैमोग्राफी (Mammography)परिक्षण के दौरान क्या होता है?

मैमोग्राफी टेस्ट के दौरान आपका रेडिओलॉजिस्ट (Radiologist )आपको कमर से ऊपर तक के कपडे को हॉस्पिटल के गाउन (Gown )से बदलने को कहेगा, जो की सामने की तरफ से बंधा जाता है। आप अपनी सुविधा के अनुसार, या तो खड़े हो के सकते हैं या बैठ कर भी Mammography करवा सकते हैं।

इसके दौरान प्रत्येक स्तन (Breast ) को एक फ्लैट (X -Ray )एक्स-रे प्लेट पर रखा जाता है। फिर एक कंप्रेसर(Compressor ) की सहायता से स्तन को ऊतक समतल करने के लिए नीचे दबाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है जिससे की स्तन की एक साफ़ तस्वीर(Image ) लिया जा सके, आपको प्रत्येक छवि (Image ) के लिए अपनी सांस को रोकना पड़ सकता है। आप थोड़ा बहुत (Pressure )दबाव या असुविधा महसूस कर सकते हैं, पर इसमें परेशान होने की जरुरत नहीं है ।

इस प्रक्रिया (process ) के दौरान, आपकी छवियों (Images ) की जाँच आपके डॉक्टर (Doctor ) द्वारा की जाएगी , अगर उसे कुछ अस्पष्ट है या आगे ध्यान देने की जरुरत है तो और ज्यादा छवियाँ (Images ) लेने का आदेश दे सकता हैं , जिससे की और ज्यादा अलग-अलग दृश्य दिखाई दे ।

कभी-कभी डिजिटल मैमोग्राम (Digital Mammogram )का उपयोग भी किया जाता है। ये आम तौर पर 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के लिए विशेष रूप से सहायक होते हैं, जो आमतौर पर बड़ी महिलाओं की तुलना में घने (dense )स्तन होते हैं।

एक डिजिटल मेम्मोग्राम (Digital Mammogram ) ब्रैस्ट के एक्स-रे को इलेक्ट्रॉनिक तस्वीर में बदल देता है जो computer द्वारा उसकी छवियां तुरंत Radiologist को दिखाई जा सकती हैं, इसलिए आपके रेडियोलॉजिस्ट ((Radiologist ) को छवियों के लिए इंतजार करने की जरुरत नहीं पड़ती है।

Mammography मैमोग्राफी के लाभ क्या हैं ?

Screening Mammography स्क्रीनिंग मैमोग्राफी के द्वारा ब्रैस्ट कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु के जोखिम को कम करती है। यह सभी प्रकार के ब्रैस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए उपयोगी है।

Screening Mammography स्क्रीनिंग मैमोग्राफी एक चिकित्सक को छोटे ट्यूमर का पता लगाने के लिए मदद करता है। जब कैंसर (cancer ) छोटा होता है, तो महिला के पास उपचार के अधिक विकल्प होते हैं।

· एक्स-रे परीक्षा के बाद रोगी के शरीर में कोई radiation नहीं रहता है।

Breast Cancer ke Lakshan/Mammography कराने की किसे जरुरत होती है। (लक्षण)

मैमोग्राम स्तन का X -Ray है। जबकि स्क्रीनिंग मैमोग्राम महिलाओं में ब्रैस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए नियमित रूप से किया जाता है जिनके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं हैं, नैदानिक मैमोग्राम (Mammogram ) का उपयोग स्क्रीनिंग मैमोग्राम (Screening Mammography) पर संदिग्ध परिणामों के बाद या ब्रैस्ट कैंसर के कुछ संकेतों के बाद चिकित्सक को ब्रैस्ट की जांच के लिए सतर्क करते हैं।

ऐसे संकेतों में शामिल हो सकते हैं:

  • एक गांठ का महसूस होना
  • ब्रैस्ट पर त्वचा का मोटा होना
  • निपल निर्वहन
  • ब्रैस्ट के आकार या आकार में परिवर्तन

एम् आर आई (MRI) के बारे में जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें ।

Leave a Comment